Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari

Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फ़ैज़ा अहमद फैज़ Shayari)~Thenewshayari

Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari

परिचय :-
प्रोफेसर फैज़ अहमद फ़ैज़ का जन्म 3 फरवरी 1911 तथा मृत्यु 20 नवंबर1984 को हुई थी।फैज़ अहमद फ़ैज़ उर्दू में एक पाकिस्तानी मार्क्सवादी, कवि और लेखक थे। वह पाकिस्तान में उर्दू भाषा के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक थे। साहित्य के बाहर, उन्हें "एक व्यापक अनुभव का व्यक्ति" के रूप में वर्णित किया गया है। 

उपाधि :-
जो एक शिक्षक, एक सेना अधिकारी, एक पत्रकार, एक ट्रेन्ड यूनियनिस्ट और एक प्रसारक थे।अन्य प्रशंसाओं में, फैज़ अहमद फ़ैज़ को साहित्य में नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था और उन्हें लेनिन शांति पुरस्कार जीता। पंजाब, भारत में जन्मे फैज़ अहमद फ़ैज़ ने गवर्नमेंट कॉलेज और ओरिएंटल कॉलेज में अध्ययन किया। 

जीवनशैली :-
उन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा की थी। पाकिस्तान की स्वतंत्रता के बाद, फैज़ अहमद फ़ैज़ द पाकिस्तान टाइम्स के संपादक और कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रमुख सदस्य बन गए थे।1951 में लियाकत प्रशासन को उखाड़ फेंकने और इसे वामपंथी सरकार के साथ बदलने की साजिश के एक कथित हिस्से के रूप में फैज़ अहमद फ़ैज़ को गिरफ्तार कर लिया गया था।

उपलब्धियाँ :-
फैज़ अहमद फ़ैज़ को चार साल की जेल के बाद रिहा कर दिया गया था।और प्रगतिशील लेखक के आंदोलन का एक उल्लेखनीय सदस्य बन गया और आखिरकार भुट्टो प्रशासन के एक सहयोगी, बेरूत में आत्म-निर्वासित होने से पहले फैज़ अहमद फ़ैज़ एक मार्क्सवादी थे। और फैज़ अहमद फ़ैज़ को 1962 में सोवियत संघ द्वारा लेनिन शांति पुरस्कार मिला। उनका काम पाकिस्तान के साहित्य और कलाओं में प्रभावशाली है। 

फैज़ अहमद फ़ैज़ के साहित्यिक कार्य को मरणोपरांत सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया जब 1990 में पाकिस्तान सरकार ने उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, निशन-ए-इम्तियाज़ प्रदान किया था। फैज़ अहमद फ़ैज़ बहुत से शायरी और कविताये लिखी थी। जिसमे से आज हम आपके सामने उनका कुछ अंश पेश करने जा रहे है।

Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Faiz Ahmad Faiz Shayri
इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा,
इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए....

Ek Gul Ke Murjhane Par Kya Gulshan Me Kohram Macha,
Ek Chehra Kumhla Jaane Se Kitne Dil Nashad Hue.....


अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या
अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या शहर-ए-हालात करें,
दिल ठहरे तो दर्द सुनाएँ दर्द थमे तो बात करें....

Ab Jo Koi Puche Bhi Toh Kya Se Kya Shahar-E-Halat Kare,
Dil Thahare Toh Dard Sunaye Dard Tahme Toh Baat Kare.....


Faiz Ahmad Faiz Poetry
आए कुछ अब कुछ शराब आए,
आए कुछ अब कुछ शराब आए,
इस के बाद आए जो अज़ाब आए.....

Aaye Kuch Ab Kuch Sharab Aaye,
Aaye Kuch Ab Kuch Sharab Aaye,
Iss Ke Baad Aaye Jo Ajab Aaye....



है वही बात यूँ भी और यूँ
है वही बात यूँ भी और यूँ भी,
तुम सितम या करम की बात करो....

Hai Wahi Baat Yu Bhi Yu Bhi,
Tum Sitam Ya Karam Ki Baat Karo....



Faiz Ahmad Faiz Rekhta
अब के ख़िज़ाँ ऐसी ठहरी,
अब के ख़िज़ाँ ऐसी ठहरी वो सारे ज़माने भूल गए,
जब मौसम-ए-गुल हर फेरे में आ आ के दोबारा गुज़रे था....

Ab Ke Kheeja Aesi Thahari,
Ab Ke Kheeja Aesi Thahari,Jab Mousam-E-Gul Har Fere Me Aa-Aa Ke Dobara Guzre The.....


कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब
कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी,
सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर होगी.....

Kab Thahrega Dard-E-Dil Kab Raat Basar Hogi,
Sunte The Wo Aayege Sunte The Sahar Hogi.....


Faiz Ahmad Faiz Quotes
कब तक दिल की ख़ैर मनाएँ,
कब तक दिल की ख़ैर मनाएँ कब तक राह दिखलाओगे,
कब तक चैन की मोहलत दोगे कब तक याद न आओगे,

Kab Tak Dil Ki Khair Manaye,
Kab Tak Dil Ki Khair Manaye,Kab Tak Raah Dikhlaoge,
Kab Tak Chain Ki Mohlat Doge Kab Tak Yaad N Aaoge.... 



गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है
गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है जो चाहो लगा दो डर कैसा,
गर जीत गए तो क्या कहना हारे भी तो बाज़ी मात नहीं.....

Gar Baaji Ishq Ki Baaji Hai, Jo Chaaho Lga Do Dar Kesa,
Gar Jeet Gye Toh Kya Kahna Haare Bhi Baaji Maat Nahi.....


Faiz Ahmad Faiz Shayari
चलो 'फ़ैज़' दिल जलाएँ करें,
चलो 'फ़ैज़' दिल जलाएँ करें फिर से अर्ज़-ए-जानाँ,
वो सुख़न जो लब तक आए पे सवाल तक न पहुँचे.....

Chalo "Faiz" Dil Jalaye Kare,
Chalo "Faiz" Dil Jalaye kare, Fir Se Arj-E-Jaana,
Wo Sukhan Jo Lab Tak Aaye Pe Sawal Tak N Pahuche....



Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
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Faiz Ahmad Faiz Poetry in Hindi
उतरे थे कभी 'फ़ैज़' वो आईना-ए-दिल में,
आलम है वही आज भी हैरानी-ए-दिल का....

Utare The Kabhi "Faiz" Wo Aaina-E-Dil Me,
Aalam Hai Wahi Aaj Bhi Herani-E-Dil Ka....

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Faiz Ahmad Faiz Ghazal
क़फ़स उदास है,
क़फ़स उदास है यारो सबा से कुछ तो कहो,
कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले....

Kafas Udas Hai,
Kafas Uadas Hai Yaaro Sba Se Kuch Toh Kaho,
Kahi Toh Bahr-E-Khuda Aaj Jikr-E-Yaar Chale....


वो बात सारे फ़साने में जिस का ज़िक्र
वो बात सारे फ़साने में जिस का ज़िक्र न था,
वो बात उन को बहुत ना-गवार गुज़री है....

Wo Baat Saare Fasane Me Jis Ka Jikar N Tha,
Wo Baat Un Ko Bahut Na-Gawar Guzari Hai....


आदमियों से भरी है यह सारी
आदमियों से भरी है यह सारी दुनिया मगर,
आदमी को आदमी होता नहीं है दस्तयाब....

Aadmiyon se bhari hai yah sari duniya magar,
Aadami ko aadami hota nahin hai dastyaab....


आये तो यूँ कि जैसे
आये तो यूँ कि जैसे हमेशा थे मेहरबाँ,
भूले तो यूँ कि जैसे कभी आश्ना न थे...

Aaye to yun jaise hamesha the meharban,
Bhoole to yun ki jaise kabhi aashna na the...




Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
उठकर तो आ गये हैं
उठकर तो आ गये हैं तेरी बज्म से मगर,
कुछ दिल ही जानता है कि किस दिल से आये हैं....

Uthkar to aa gaye teri bajm se magar,
Kuchh dil hi jaanta hai ki kis dil se aaye hain.....


Faiz Ahmad Faiz Two Line Shayari
जिन्दगी क्या किसी मुफलिस की कबा है,
जिसमें हर घड़ी दर्द के पैबन्द लगे जाते हैं....

Zindagi kya kisi muflis ki kaba hai,
Jismein har ghadi dard ke paiband lage jaate hai....


तुमने देखी है वो पेशानी
तुमने देखी है वो पेशानी वो रूखसार, वो होंठ,
जिन्दगी जिनके तसव्वर में लुंटा दी मैंने.....

Tumne dekhi hai wo peshani wo rukhsaar wo honth,
Zindagi jinke tasvvar mein luta dee maine....




Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Faiz Ahmad Faiz Ghazals
तुम्हारी याद के जब जख्म भरने लगते है,
किसी बहाने तुमको याद करने लगते हैं....

Tumhari yaad ke jab zakhm bharne lagte hai,
Kisi bahaane tumko yaad karne lagte hain....


नजर में दल के उभरते हैं
नजर में दल के उभरते हैं, दिल के अफसाने,
यह और बात है कि दुनिया नजर न पहचाने...

Nazar mein dal ke ubharte hain, dil ke afsane,
Yah aur baat hai ki duniya nazar na pahachaane....


यह बाजी इश्क की बाजी
यह बाजी इश्क की बाजी है जो चाहे लगा दो डर कैसा,
गर जीत गये तो कहना क्या, हारे भी तो बाजी मात नही....

Yah baazi ishq ki baazi hai jo chaahe laga do dar kaisa,
Gar jeet gaye to kehana kya, haare bhi ti baazi maat nahi....


रिन्दाने-जहां से ये नफरत
रिन्दाने-जहां से ये नफरत, ऐ हजरते-वाइज क्या कहना,
अल्लाह के आगे बस न चला, बंदों से बगावत कर बैठे....

Rindaane-jahan se ye nafrat, ae hazrate-waaiz kya kehana,
Allah ke aage bas na chala, bando se bagaawat kar baithe....




Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Popular Faiz Ahmad Faiz Shayri (फैज़ अहमद फैज़ Shayri)~Thenewshayari
Rekhta Faiz Ahmad Faiz
दिल नाउम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है,
लंबी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है....

Dil naummeed to nahin nakaam to hai,
Lambi hai gham ki shaam, magar shaam hi to hai....

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